(A Pioneer Organization for HRD, Personality Development, Art of Living, Yoga & Environment)
A Pioneer Organisation for Science & Technique of Life Management, Personality Development, Direction of Student Life, Yoga, Health & Environment, Women Education & Empowerment.....|..* Direction of Student life * How to select Life partner * Happy Married life * Health and hygiene (physical & mental) * Family Management and Budget * Getting divine child through Divine & spiritual power * Happy Family & Social life * National duty * "Moksh" from this mortal life..|.. संसार के सारे धर्म एक ही सत्य(ईश्वर, अल्लाह,गॉड, वाहे गुरु) की प्रार्थना अपनी-अपनी भषाओं में करते हैं। लेकिन हमारी नादानी देखिए कि चन्द पाखण्डी धर्म-गुरुओं के चंगुल में फंसकर हम आपस मे लड़ते-झगड़ते रहते हैं। कुछ गिने-चुने लोग इस सत्य को जानते भी हैं तो बोलने और करने का साहस नहीं है। "जीवन पथ" इस सच्चाई को साहस के साथ समाज के सामने रखते हुए "जीवन जीने की कला" सिखाने के लिए प्रतिबध्द है।..|..

BRING THE HEAVEN ON THE EARTH

BY GETTING DIVINE GENERATION IN YOUR FAMILY AND SOCIETY THROUGH THE SCIENTIFIC & SPIRITIUL LIFE MANAGEMENT


वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक जीवन प्रबंधन द्वारा अपने परिवार एवं समाज में दिव्य पीढ़ी प्राप्त कर " धरती पर स्वर्ग लाएं" ।

NATION BUILDING EXPEDITION OF ‘JEEWAN PATH’
"जीवन पथ" का राष्ट्र निर्माण अभियान
योग करो - स्वास्थ्य बचाओ।    DO YOGA                - SAVE YOUR HEALTH,
शकाहारी बनो - मानवता बचाओ।।    BE VEGITARIAN    - SAVE HUMANITY,
जल संरक्षण करो - जीवन बचाओ।    CONSERVE WATER   - SAVE YOUR LIFE,
पेड़ लगाओ - धरती बचाओ।।    PLANT TREES    - SAVE THE EARTH,
कन्या भ्रूण बचाओ - नारी बचाओ।    PROTECT GIRL CHILD - SAVE WOMEN,
नारी शिक्षित करो - समाज बचाओ।।    EDUCATE WOMEN - SAVE THE SOCIETY.

भूर्भुवः स्वः
त्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो योनः प्रचोदयात्।

            ---यजुर्वेद ३६.३

भवार्थः - उस प्राण स्वरुप, दुःख नाशक, सुख स्वरुप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पाप नाशक, देव स्वरुप परमात्मा मे धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुध्दि को सन्मार्ग मे प्रेरित करे।
१ सूरतुल-फ़ातिह़ति ५
बिस्मिल्लाहिर्रह़मानिर्रह़ीम
अल्ह़म्दु लिल्लाहि रब्बिल-आ़लमीन (१) अर्रह़मनिर्रह़ीम (२) मालिकि यौमिद्दीन (३) इय्या-क नअ़बुदु व इय्या-क नस्तअ़न (४) इहिदनस्-स़िरात़ल्मुस्तक़ीम (५) स़िरात़ल्लजी-नअनअ़म-तअ़लैहिम् (६) ग़ैरिल्-मग् जूबि अ़लैहिम् वल़ज्ज़ाल्लीन् (७) -- "कुरआन मजीद"

अर्थः- १ सूरःफ़ातिह़ः ५
शुरु खुदा का नाम लेकर, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। सब तरह की तारीफ खुदा के लिए ही है जो तमाम मख़्लुकात का परवरदिगार है। बड़ा मेहरबान, निहायत रहमवाला, इन्साफ के दिन का हाकिम-ऐ परवरदिगार हम तेरी हि इबादत करते हैं, और तुझी से मदद मांगते हैं। हमको सीधे रास्ते पर चला, उन लोगों का रास्ता जिनपर तु अपना फ़ज़्ल व करम करता रहा, न उनपर जिनपर गुस्सा होता रहा और न गुमराहों का।

'Our Father in heaven, may your name be kept holy. Let your Kingdom come. Let your will be done, as in heaven, so on earth. Give us today our daily bread. Forgive us our debts, as we also forgive our debtors. Bring us not into temptation, but deliver us from the evil one. For yours is the Kingdom, the power, and the glory forever. Amen.'
---- Holy Bible

संसार के सारे धर्म एक ही सत्य (ईश्वर, अल्लाह, गॉड, वाहे गुरु) की प्रार्थना अपनी-अपनी भषाओं मे करते हैं। लेकिन हमारी नादानी देखिए कि चन्द पाखण्डी धर्म - गुरुओं के चंगुल मे फंसकर हम आपस मे लड़ते-झगड़ते रहते हैं। कुछ गिने-चुने लोग इस सत्य को जानते भी हैं तो बोलने और करने का साहस नहीं है। "जीवन पथ" इस सच्चाई को साहस के साथ समाज के सामने रखते हुए "जीवन जीने की कला" सिखाने के लिए प्रतिबध्द है।